26/04/2021 - हिमाचल करंट अफेयर्स

हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी दालों का उत्पादन बढ़ाने को राज्य सरकार ने केंद्र के पास मंजूरी के लिए करोड  रुपए का प्रोजेक्ट भेजा है? 
- 10.34 करोड़ रुपये
व्याख्या : पहाड़ी दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश के करीब 12 हजार किसानों को लाभ पहुंचाया जाना है। प्रदेश में 6000 हेक्टेयर भूमि में दालें पैदा करने का लक्ष्य रखा है। केंद्र और राज्य सरकार की प्रोजेक्ट में 90:10 फीसदी वित्तीय भागीदारी रहेगी। प्रदेश में दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की वित्तीय मदद से यह प्रोजेक्ट वर्ष 2021-22 से 2026 तक चलेगा। 

हिमाचल में कब कितना हुआ दालों का उत्पादन
वर्ष            उत्पादन हजार मीट्रिक टन
2014-15    53.87
2015-16    59.17
2016-17    67.40
2017-18    61.00
2018-19    62.50

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2021  के उपलक्ष्य पर हिमाचल प्रदेश की कितनी पंचायतों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया? 
- 8
व्याख्या: इनमें एक जिला परिषद अध्यक्ष, दो पंचायत समिति अध्यक्ष और पांच ग्राम पंचायत प्रधान शामिल हैं। सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए चयनित जिला परिषद को 50 लाख, पंचायत समिति को 30 लाख और पंचायतों को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है। जिला परिषद बिलासपुर की अध्यक्ष कुमारी मुस्कान को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार दिया है। पंचायत समिति देहरा गोपीपुर कांगड़ा की अध्यक्ष अर्चना को पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार प्रदान किया है। पंचायत समिति नादौन हमीरपुर के अध्यक्ष कमल दत्त को भी दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार मिला है।
जिला कुल्लू के आनी की कुंगश पंचायत प्रधान राकेश कुमार को दीन दयाल उपाध्याय सशक्तीकरण पुरस्कार से नवाजा गया है। जिला कुल्लू के बंजार की पंचायत मंगलौर के प्रधान प्रशांत कुमार को भी दीनदयाल उपाध्याय  सशक्तीकरण पुरस्कार प्रदान किया है। जिला कांगड़ा की ग्राम पंचायत घोड़पीठ भदरैणा की प्रधान मंजू देवी को नानाजी देशमुख और दीनदयान उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार दिया है। जिला हमीरपुर की पंचायत किटपाल की प्रधान मीरा भारती को ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान (जीपीडीपी) पुरस्कार मिला है। जिला सिरमौर की ग्राम पंचायत भल्टा की प्रधान निशा कुमारी को बाल मित्र पुरस्कार से सम्मानित किया है।
आनी विकास खंड की कुंगश पंचायत को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार से नवाजा है। प्रदेश में इस पुरस्कार के लिए कुंगश पंचायत ने पहला स्थान हासिल किया है। इस पुरस्कार के साथ पंचायत को 8 लाख रुपए की नकद राशि भी प्रदान की जाएगी।
ग्राम पंचायत कुंगश के वर्तमान प्रधान राकेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से डीसी कुल्लू ऋचा वर्मा के हाथों यह पुरस्कार प्राप्त किया है। यह पुरस्कार पाने वाली कुंगश पंचायत विकास खंड आनी की पहली पंचायत बन गई है

विवेकानंद ट्रस्ट द्वारा हिमाचल प्रदेश में कहां पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए विश्रांति के निर्माण कार्य को पूर्व मुख्यमंत्री श्री शांता कुमार द्वारा करवाया जा रहा है? 
- कांगड़ा

हिमाचल के सुपरिचित कहानीकार, लेखक व संपादक बद्री सिंह भाटिया का निधन हो गया इनका संबंध हिमाचल प्रदेश के किस जिला से था 
- सोलन 
व्याख्या : बद्री सिंह भाटिया का जन्म 2 जुलाई 1947 को अर्की जिला सोलन में हुआ था। हिमाचल सरकार की पत्रिका हिमप्रस्थ व साप्ताहिक पत्र गिरिराज के संपादन से जुड़े थे।
ब्रदी सिंह भाटिया को उनके उपन्यास -पड़ाव- पर हिमाचल अकादमी का कथा पुरस्कार मिला था। ये उपन्यास नेपाल के श्रमिकों पर केंद्रित था और काफी चर्चित रहा था। कुछ समय पहले ही उनका कहानी संग्रह-पाजे के फूल आया था।


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